उत्तराखंड में कांग्रेस का परिवर्तन संकल्प सम्मेलन अभियान
कांग्रेस का परिवर्तन संकल्प अभियान की शुरुआत, कुमाऊं और गढ़वाल को 4 जोन में बांटा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कार्यकर्ताओं में भरा जोश.
चंपावत/देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 में वापसी को लेकर कांग्रेस संगठन जुट चुका है. इसी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल चंपावत विधानसभा के टनकपुर पहुंचे. जहां उन्होंने परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के माध्यम से जीत की हुंकार भरी. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनमें जोश भरा और जीत का मंत्र फूंकने का काम किया.
उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी ने पहले चरण में पहाड़ की 10 सीटों और जिलों पर विशेष फोकस करते हुए अभियान को चार अलग-अलग क्षेत्रों में बांटा है. जिसकी कमान चार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई है. इसी कड़ी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल टनकपुर पहुंचे.
उत्तराखंड कांग्रेस का ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ अभियान 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया एक बड़ा संगठनात्मक और जनसंपर्क अभियान है। यह भाजपा सरकार के खिलाफ विपक्षी आवाज मजबूत करने, जन मुद्दों को उठाने और पार्टी के बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने का मिशन है।
- शुरुआत: अभियान 28 जून 2026 से शुरू हो रहा है (कुछ जगहों पर 29 जून से) और पहले चरण में 10 पहाड़ी जिलों (गढ़वाल-कुमाऊं) में चलेगा। यह लगभग 28 जून से 10 जुलाई तक चलेगा। बाद में तराई क्षेत्रों (ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून आदि) में विस्तार होगा।
- उद्देश्य: जनता की समस्याएं सुनना, कार्यकर्ता सम्मेलन, जनसंवाद, जनसभाएं आयोजित करना। प्रमुख मुद्दे — बेरोजगारी, पलायन, पेपर लीक, महंगाई, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, भू-कानून, चारधाम यात्रा की अव्यवस्था आदि। नारा: “परिवर्तन ही संकल्प है, कांग्रेस ही विकल्प है।”
चार जोनों में विभाजन:
प्रदेश को चार जोनों में बांटा गया है, जिनकी जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई है:
- गणेश गोदियाल (प्रदेश अध्यक्ष): चंपावत, पिथौरागढ़ आदि (सीमांत कुमाऊं)।
- प्रीतम सिंह: उत्तरकाशी, टिहरी आदि।
- डॉ. हरक सिंह रावत: रुद्रप्रयाग, पौड़ी गढ़वाल, चमोली।
- करण माहरा: अल्मोड़ा, नैनीताल।
ये नेता स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ता बैठकें, जनसंवाद और सम्मेलन करेंगे।
अभियान की पोस्टर में पूर्व CM हरीश रावत और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नाम/फोटो न होने से पार्टी में असंतोष की खबरें आई हैं। पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया। गणेश गोदियाल ने कहा कि दोनों नेता किसी भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं और उन्हें तराई क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी जा सकती है।