सीएम धामी जल्द ही स्वर्गीय ND Tiwari के सबसे लंबे मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड तोड़ने वाले है, जिसका जश्न बीजेपी प्रदेश भर में मानने जा रही है.
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 4 जुलाई 2026 को बतौर CM 5 साल का कार्यकाल पूरा कर लेंगे। इससे वे उत्तराखंड के पूर्व CM नारायण दत्त तिवारी (ND Tiwari) के रिकॉर्ड को तोड़ देंगे और आगे बढ़ेंगे। ND तिवारी (कांग्रेस) 2 मार्च 2002 से 7 मार्च 2007 तक (लगभग 5 साल 5 दिन / 1831 दिन) CM रहे थे। वे राज्य गठन (2000) के बाद पूरे 5 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले इकलौते CM थे। उसके बाद कोई CM 5 साल पूरा नहीं कर पाया था।
धामी 4 जुलाई 2021 को पहली बार CM बने थे। इसमें उनकी पहली (2021) और दूसरी (2022 चुनाव के बाद) सरकार दोनों शामिल हैं। 29 जून 2026 तक वे लगभग 1821 दिन पूरे कर चुके थे – 4 जुलाई को 5 साल पूरे हो जाएंगे।

BJP की तैयारी: सरकार और BJP संगठन दोनों बड़े कार्यक्रमों की तैयारी में हैं। BJP पूरे प्रदेश में एक हफ्ते तक जश्न मनाने का प्लान बना रही है – रोडमैप जल्द तैयार होगा। प्रदेश BJP अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के अनुसार, यह उत्सव का मौका है क्योंकि धामी 9-10 साल के BJP शासन में यह माइलस्टोन हासिल कर रहे हैं। यह पीएम मोदी द्वारा जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड तोड़ने जैसा है, जिस पर भी BJP ने कार्यक्रम किए थे।
उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा – भाजपा के इस 9-10 साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 5 साल का कार्यकाल पूरा होने का शुभ दिन जुलाई महीने में आने वाला है. ऐसे में भाजपा पूरे उत्साह के साथ प्रदेश भर में एक हफ्ते तक कार्यक्रमों का आयोजन करेगी, जिन कार्यक्रमों का रोडमैप जल्द ही तैयार किया जाएगा.
कांग्रेस का तंज: उत्तराखंड कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि 5 साल पर नहीं, बल्कि 10 साल पर जश्न मनाना चाहिए। उन्होंने सरकार पर जमीन लूट, महिलाओं के खिलाफ अपराध, पेपर लीक, खनन, शराब, पलायन जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए।
उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने तंज कसते हुआ कहा – बीजेपी को बताना चाहिए कि कैसे त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जमीनों की लूट शुरू की थी और सीएम धामी ने उसे क्लाइमैक्स तक पहुंचाने का काम किया है. प्रदेश में बढ़ती महिलाओं के खिलाफ अपराध के बारे में जनता को बताना चाहिए, इसके साथ ही पेपर लीक, खनन, शराब, पलायन समेत अन्य मामलों में जो राज्य सरकार की उपलब्धि है, उसको भी जनता को बताना चाहिए. ऐसे में उनका मानना है कि अगर यह सभी उपलब्धियां जनता को बताएंगे तो जनता उनका धन्य मानेगी.