परिवर्तन संकल्प सम्मेलन में भावना नगरकोटी का सम्बोधन 30 जून 2026
30 जून को पिथौरागढ़ में गणेश गोदियाल के सामने मंच पर हुई थी बहस, तीन नेताओं को कांग्रेस ने 6 साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निकाला।
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते तीन कांग्रेसी नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया है. जिसके तहत पिथौरागढ़ पूर्व जिला अध्यक्ष महेंद्र लुंठी, पिथौरागढ़ की पूर्व महिला जिला अध्यक्ष भावना नगर कोटी और दीपक लुंठी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते 6 साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है.
उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी की ओर से जारी पत्र में पिथौरागढ़ के तीनों नेताओं को पार्टी से निकालने से जुड़ा आदेश जारी किया है. जिसमें बताया गया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर पूरे प्रदेश भर में ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ आयोजित किया जा रहे हैं. जिसके तहत बीती 30 जून को कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था.

30 जून 2026 को पिथौरागढ़ में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल की अध्यक्षता में ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम पूरे प्रदेश में चल रहे कांग्रेस के ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ सम्मेलनों का हिस्सा था।
मंच पर महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष भावना नगरकोटी ने संबोधन देते हुए पिथौरागढ़ विधायक मयूख महर पर नगर निकाय चुनावों में टिकट वितरण और पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर परोक्ष रूप से हमला बोला। इससे नाराज होकर विधायक मयूख महर अपने समर्थकों के साथ मंच से उठकर बाहर चले गए। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने गणेश गोदियाल की मौजूदगी में “मयूख महर मुर्दाबाद” जैसे नारे भी लगाए। भावना नगरकोटी ने बोलना जारी रखा, जबकि अन्य नेताओं ने स्थिति संभालने की कोशिश की। यह साफ तौर पर गुटबाजी और अनुशासनहीनता के रूप में देखा गया।
घटना के तुरंत बाद तीनों नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और 3 दिन में जवाब मांगा गया। पिथौरागढ़ जिला कमेटी से रिपोर्ट भी मांगी गई। जिला महिला कांग्रेस कमेटी को भी भंग कर दिया गया। रिपोर्ट और राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश के आधार पर 5 जुलाई 2026 को प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी ने तीनों को 6 साल के लिए निष्कासित करने का आदेश जारी किया।

प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि कांग्रेस एक अनुशासित संगठन है और किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पार्टी संगठन की छवि खराब करने वाले कृत्यों पर सख्त कार्रवाई की गई है।
यह घटना उत्तराखंड कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी (खासकर पिथौरागढ़ में) को उजागर करती है, जो 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के लिए चुनौती बन सकती है।