सीएम पुष्कर सिंह धामी
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी सीएम के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, 7 ऐसे कारण है, जिन्होंने सीएम धामी को न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि पूरे देश में हिट कर दिया।
शनिवार 4 जुलाई को पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री के रूप में अपने दोनों लगातार कार्यकाल मिलाकर पांच साल पूरे कर लिए हैं। 4 जुलाई 2021 को पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में दूसरी बार मुख्यमंत्री बने धामी अब उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने लगातार पांच साल तक मुख्यमंत्री पद संभाला है।
उत्तराखंड के गठन के बाद राज्य की राजनीति लंबे समय तक नेतृत्व परिवर्तन और राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजरती रही। भाजपा की सरकारों में भी कोई मुख्यमंत्री लगातार पांच वर्ष तक पद पर नहीं रह सका। ऐसे में धामी का यह कार्यकाल पार्टी के इतिहास में एक नया अध्याय माना जा रहा है।
वो 7 कारण, जिन्होंने सीएम धामी को हिट कर दिया।
पहला कारण
धामी सरकार की सबसे चर्चित उपलब्धि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करना रही। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जहां यूसीसी लागू हुई। सरकार का कहना है कि इससे सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान व्यवस्था सुनिश्चित हुई है। इस फैसले के बाद धामी की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हुई तथा कई राज्यों में भी इस मॉडल पर चर्चा शुरू हुई।
दूसरा कारण
सरकारी भर्ती परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए धामी सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। पेपर लीक और नकल कराने वालों के खिलाफ कठोर सजा का प्रावधान किया गया। सरकार के अनुसार इसके बाद 35 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां मिलीं और भर्ती प्रक्रिया पर युवाओं का भरोसा बढ़ा।
तीसरा कारण
धामी सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का फैसला लिया। लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने के बाद इसे राज्य की महिलाओं के लिए बड़ा निर्णय माना गया। सरकार का कहना है कि इससे प्रशासनिक सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।
चौथा कारण
सरकार ने अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचार, अवैध अतिक्रमण और माफिया तंत्र के खिलाफ लगातार कार्रवाई की। कई मामलों में जांच एजेंसियों को सक्रिय किया गया और सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई भी हुई। सरकार ने इसे भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड की दिशा में बड़ा अभियान बताया।
पांचवां फैक्टर
धामी सरकार ने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के माध्यम से बड़े निवेश आकर्षित करने का दावा किया। सरकार के अनुसार एक लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग शुरू हो चुकी है। इससे उद्योग, पर्यटन, होमस्टे, परिवहन और सेवा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
छठा कारण
धामी सरकार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के साथ बेहतर समन्वय का भी लाभ मिला। चारधाम ऑल वेदर रोड, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, रेल और सड़क परियोजनाएं, एम्स सहित कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट राज्य को मिले। सरकार का कहना है कि इससे उत्तराखंड के विकास को नई गति मिली है।
सातवां कारण
पुष्कर सिंह धामी की सक्रियता अब केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं है। भाजपा उन्हें अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों में भी प्रचार के लिए भेजती रही है। पार्टी के भीतर उन्हें युवा नेतृत्व के प्रमुख चेहरों में गिना जा रहा है। राष्ट्रीय मुद्दों पर उनकी सक्रियता और चुनावी अभियानों में भागीदारी के कारण उनकी पहचान लगातार मजबूत हुई है।
अब अगले कुछ दिन में सीएम धामी एनडी तिवारी का सबसे ज्यादा 1831 दिन सीएम रहने का रिकॉर्ड भी तोड़ देंगे,, और उसके बाद एक कार्यकाल में पांच साल मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी अपने नाम करेंगे,, क्योंकि अब न सिर्फ विपक्ष में बल्कि उनकी पार्टी में भी सीएम धामी के सामने दूर दूर तक कोई नहीं टिक रहा।