उत्तराखंड में जमीन घोटाले, भू माफिया और सरकारी नीतियों के विरोध में कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, सचिवालय कूच करने जा रहे कांग्रेसी पुलिस हिरासत में.
देहरादून। देहरादून की सड़कों पर आज सत्ता और विपक्ष आमने-सामने नजर आए. कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ विशाल जन-आक्रोश रैली निकालते हुए सचिवालय कूच किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में निकले इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से आए सैकड़ों कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता शामिल हुए. जैसे ही रैली सचिवालय के मुख्य द्वार तक पहुंची।वहां पहले से तैनात पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की देखने को मिली।
कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तराखंड में भू-माफियाओं का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जिसे सत्ता और प्रशासन में बैठे लोगों का संरक्षण मिल रहा है. विपक्ष का दावा है कि सरकारी जमीनों, वन भूमि और ग्राम समाज की जमीनों पर लगातार अवैध कब्जे और खरीद-फरोख्त हो रही है. कांग्रेस ने हरिद्वार से लेकर सिडकुल तक जमीन आवंटन में बड़े घोटालों और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की SIT या न्यायिक जांच की मांग की है. अब इस प्रदर्शन ने एक बड़ा राजनीतिक सवाल खड़ा कर दिया है…क्या उत्तराखंड में सचमुच जमीनों का बड़ा खेल चल रहा है, या फिर 2027 चुनाव से पहले सियासी जमीन तैयार की जा रही है?
उत्तराखंड में भूमि घोटालों, भू माफियाओं के बढ़ते प्रभाव और सरकार की नीतियों के विरोध में कांग्रेस ने आज सचिवालय कूच करते हुए प्रदर्शन किया. कूच का नेतृत्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने किया. इससे पहले सभी कांग्रेसी प्रदेश मुख्यालय में एकत्रित हुए. उसके बाद पैदल जुलूस निकालते हुए सुभाष रोड पहुंचे.
वहां पहले से ही मौजूद भारी पुलिस बल ने कांग्रेसियों को सचिवालय की तरफ बढ़ने से रोक दिया. इससे नाराज कुछ कांग्रेसी बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे. साथ ही जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई.
पुलिस ने कांग्रेसियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा: इस बीच बैरिकेडिंग के पास काफी देर तक हंगामा होता रहा. हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत अन्य कांग्रेसियों को हिरासत में ले लिया और पुलिस लाइन भेज दिया.
“सरकार भू माफियाओं को संरक्षण दे रही है. सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के मामलों में कार्रवाई नहीं की जा रही है. आम जनता के हितों की अनदेखी की जा रही है. राज्य में भू माफियाओं का नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है. जबकि, सरकार प्रभावी कार्रवाई करने की बजाय उन्हें संरक्षण देने का काम कर रही है.”- गणेश गोदियाल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड
सरकारी और ग्राम समाज की जमीन से हटाए जाएं अवैध कब्जे: कांग्रेस ने मांग उठाई कि प्रदेशभर में सरकारी वन और ग्राम समाज की जमीनों पर हुए अवैध कब्जों की जांच कर उन्हें अविलंब मुक्त कराया जाए. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने सरकार की कथित वन विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी. यदि जमीनों से जुड़े मामलों में ठोस कार्रवाई नहीं की गई.
महंगाई, बेरोजगारी, भूमि विवादों पर जमकर घेरा: भूमाफियाओं से भूमि को अवमुक्त नहीं कराया गया और प्रदेश में भू माफिया को यदि संरक्षण दिया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. इस दौरान कांग्रेस के नेताओं ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भूमि विवादों पर भी सरकार को जमकर घेरते हुए प्रदर्शन किया.