कालिंदी खाल ट्रेक रेस्क़ुए
उत्तरकाशी के 12 ट्रैक पर भारी बर्फबारी के चलते 136 ट्रेकर फंस गए थे, जिनमें से 29 को रेस्क्यू कर लिया गया है।
उत्तरकाशी। कालिंदी ट्रेक पर ओडिन कॉल क्षेत्र में फंसे ट्रेकर्स को बचाने के लिए रविवार को चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया। इस अभियान के तहत ओडिन कॉल में फंसे सभी 29 ट्रेकर्स को हेलीकॉप्टर की सहायता से सुरक्षित निकाला गया और उन्हें हर्षिल लाया गया। वहां सभी ट्रेकरों को आर्मी बेस हर्षिल के अस्पताल में ले जाया गया, जहां चिकित्सा टीम ने उनकी प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच की। अभी भी उत्तरकाशी के 10 ट्रैक पर 106 ट्रेकर फंसे हुए हैं, जिनका बचाव कार्य जारी है।
कालिंदी ट्रेक पर बचाव कार्य हुआ पूरा: ऊंचाई वाले इस इलाके में मौसम की कठिनाइयों और जटिल भौगोलिक स्थिति के कारण ट्रेकरों को सुरक्षित बाहर निकालना रेस्क्यू टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण था। सूचना मिलने पर शासन और जिला प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय किया। इसके उपरांत ओडिन कॉल के क्षेत्र से फंसे ट्रेकर्स के लिए एक संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
एसडीआरएफ का सेनानायक के नेतृत्व में बचाव अभियान: शासन के समन्वय से SDRF के सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देश में यह अभियान चलाया गया। सेनानायक ने एसडीआरएफ कंट्रोल रूम से पूरे ऑपरेशन की लगातार निगरानी की। उन्होंने मौके पर कार्यरत रेस्क्यू टीमों के साथ संपर्क बनाए रखकर स्थिति की जानकारी ली और आवश्यकतानुसार दिशा-निर्देश दिए।
29 ट्रेकर्स को हर्षिल लाया गया: इस रेस्क्यू अभियान में एसडीआरएफ, जिला पुलिस, भारतीय सेना, स्थानीय प्रशासन और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूसीएडीए) की टीमें एक साथ काम कर रही थीं। सभी एजेंसियों के बीच के बेहतर समन्वय के कारण ओडिन कॉल क्षेत्र में फंसे 29 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकाला गया। हेलीकॉप्टर के माध्यम से उन्हें ओडिन कॉल से हर्षिल लाया गया।

ट्रेकर्स की आर्मी हॉस्पिटल में जाँच: बचाव कार्य के बाद सभी ट्रेकर्स को आर्मी बेस हर्षिल के अस्पताल पहुँचाया गया। यहाँ चिकित्सा टीम ने उनकी प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच की। अधिकारियों के अनुसार, जांच के पश्चात ट्रेकर्स की स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

संयुक्त अभियान से सफलता: कालिंदी ट्रेक उत्तरकाशी के उच्च पर्वतीय क्षेत्र में कठिन और चुनौतीपूर्ण ट्रक मार्गों में से एक है। ओडिन कॉल के मौसम में तेजी से बदलाव और ऊँचाई के चलते यहां बचाव कार्य में विशेष सावधानी रखनी पड़ती है। ऐसे में अलग-अलग सुरक्षा और राहत एजेंसियों की संयुक्त टीमों ने इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया।
बचाव अभियान में सेना भी शामिल: इस अभियान के दौरान एसडीआरएफ और जिला पुलिस की टीमों ने आपस में समन्वय किया, जबकि भारतीय सेना और यूसीएडीए ने भी आवश्यक सहायता प्रदान की। प्रशासन ने पूरे अभियान की सतत निगरानी रखी। रेस्क्यू कार्य समाप्त होने के बाद प्रशासन और राहत एजेंसियों ने साँस की राहत ली है।
शालिनी नेगी, एसडीएम – सभी 29 ट्रैकर्स को हर्षिल में सुरक्षित पहुंचा दिया गया है। इस समय उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। सभी ट्रैकर्स का स्वास्थ्य स्थिर है। प्राथमिक उपचार के बाद सभी ट्रैकर्स ने अपने-अपने गंतव्यों के लिए सुरक्षित रवाना हो चुके हैं। इसके अलावा, कालिंदी पास क्षेत्र में हेलीकॉप्टर बचाव अभियान लगातार जारी है।
बागेश्वर में 43 ट्रैकर्स को रेस्क्यू करना है: वहीं बागेश्वर जिले में 43 ट्रैकर पिंडारी ग्लेशियर में फंसे हुए हैं। इनमें कुछ विदेशी और कुछ स्थानीय ट्रैकर्स शामिल हैं। जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई लिस्ट के अनुसार, पिंडारी ग्लेशियर के पास 23 ट्रैकर फंसे हैं। खाती गांव में 20 ट्रैकर मौजूद हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि सभी सुरक्षित और स्वस्थ हैं।