निहंग सिखों जत्था विकासनगर बोर्डेर पर
विकासनगर। कर्णप्रयाग और नगरासू में चल रहे विवाद को लेकर बड़ी संख्या में निहंग सिखों ने हिमाचल के पांवटा साहिब से कुल्हाल बॉर्डर से उत्तराखंड में घूसने का प्रयास किया, जिन्हें उत्तराखंड पुलिस ने हिमाचल की सीमा पर ही रोक लिया. फिलहाल, सभी निहंगों को पांवटा साहिब गुरुद्वारे में भेज दिया गया है, जहां पर उत्तराखंड पुलिस के अधिकारी भी गए हैं. वहीं, उत्तराखंड पुलिस के अधिकारी पांवटा साहिब गुरुद्वारे में निहंगों के साथ बैठक कर रहे हैं.
विकासनगर सीओ विवेक सिंह कुटियाल ने बताया कि कुल्हाल में हिमाचल और उत्तराखंड के बॉर्डर पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की वार्ता चल रही है. बता दें कि नगरासू-कर्णप्रयाग विवाद के बाद निहंग सिखों ने 25 जून को उत्तराखंड कूच का ऐलान किया था, जिसके बाद से ही उत्तराखंड पुलिस अलर्ट हो गई थी. 24 जून शाम से ही उत्तराखंड और हिमाचल सीमा पर स्थित कुल्हाल बॉर्डर पर पुलिस एवं आईटीबीपी के जवान तैनात कर दिए गए थे. उत्तराखंड और हिमाचल सीमा को छावनी में तब्दील किया हुआ है.
ये है पूरा विवाद: 16 जून को कर्णप्रयाग में हेमकुंड साहिब की यात्रा कर लौट रहे कुछ निहंग श्रद्धालुओं का चमोली जिले के कर्णप्रयाग में स्थानीय लोगों के साथ विवाद हो गया था. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हो गई थी. आरोप है कि तभी कुछ निहंग श्रद्धालुओं ने तलवारों ने स्थानीय लोगों पर हमला किया, जिससे कई स्थानीय लोग घायल भी हो गए थे. इस घटना के बाद कर्णप्रयाग पुलिस ने 4 निहंग सिखों को गिरफ्तार भी किया था. तभी से ये मामला सुर्खियों में है.
कर्णप्रयाग में निहंग श्रद्धालुओं की गिरफ्तारी के विरोध में निहंग सिखों ने 25 जून को कर्णप्रयाग कूच करने का ऐलान किया था, जिसके बाद से ही उत्तराखंड पुलिस अलर्ट हो रखी है. आज 25 जून को बड़ी सख्या में पंजाब से निहंग सिखों के उत्तराखंड पहुंचने की सूचना थी, जिसके बाद से ही पुलिस अलर्ट हो रखी है. उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर भारी पुलिस फोर्स और आईटीबीपी के जवान तैनात हैं.
अभी सामने आई जानकारी के अनुसार करीब 300 ज्यादा निहंग सिख उत्तराखंड कूच के लिए हिमाचल बॉर्डर पर पहुंचे है. जिन्हें उत्तराखंड पुलिस ने कुल्हान बॉर्डर पर ही रोक रखा है. पुलिस का प्रयास बातचीत के जरिए निहंग सिखों के कार्यक्रमों को स्थगित करना है. पुलिस का कहना है कि निहंग सिखों का एक जत्था मोहाली स्थित गुरुद्वारा सिंह शहीदान से देहरादून की ओर जा रहा था, लेकिन उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें रोक लिया.
जसदीप सिंह, अकाली ने कहा “हमारी 3 मुख्य मांगें हैं. पहली मांग है कि जिस पुलिस ऑफिसर ने निहंग के खिलाफ केस किया, उसने गलत किया. यह बिल्कुल साफ है कि मामला किसने शुरू किया. आईओ यानी जांच अधिकारी को टर्मिनेट किया जाए.”
जसदीप सिंह, अकाली ने कहा “दूसरी मांग दोषी पुलिस ऑफिसर के खिलाफ एक्शन लिया जाए. तीसरी मांग है कि जिन पुलिस ऑफिसर ने हमारे लोगों को कोर्ट में पेश किया और बिना केस के उन्हें पुलिस स्टेशन में रखा, उन्हें टर्मिनेट किया जाए.”
जसदीप सिंह, अकाली ने कहा “हम मांग करते हैं कि ऐसा करने वाले सभी पुलिस ऑफिसर को सस्पेंड किया जाए. हम यहां से तभी वापस जाएंगे, जब हमारे 4 निहंग हमारे साथ चलेंगे. हमें रोका नहीं जाए. हमें रुद्रप्रयाग जाने दिया जाए.”