मसूरी-देहरादून मार्ग भूस्खलन के कारण रास्ता हुआ बंद
उत्तराखंड में भारी बारिश से लगातार भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई है. जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं.
मसूरी। उत्तराखंड में मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाले बैंड के पास एक बार फिर भूस्खलन ने यातायात की रफ्तार रोक दी. पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने और सड़क का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण मार्ग बंद हो गया. सड़क बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. बारिश के बीच मार्ग पर फंसे यात्रियों और पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
देहरादून–मसूरी मार्ग स्थित पानीवाला बैंड पर अत्यधिक वर्षा के कारण मार्ग पर पूर्व निर्मित दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। आमजन की सुरक्षा के दृष्टिगत उप जिला मजिस्ट्रेट, मसूरी द्वारा जारी आदेश के अनुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत उक्त मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन अग्रिम आदेशों तक प्रतिबंधित किया गया है।

पानी वाला बैंड पिछले कुछ समय से लगातार भूस्खलन की घटनाओं के कारण संवेदनशील बना हुआ है. बारिश के दौरान यहां पहाड़ी से मलबा आने के साथ सड़क के किनारे की जमीन भी खिसक रही है. शनिवार को भी भूस्खलन के बाद सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई.
पानी वाले बैंड की मौजूदा स्थिति ने पिछले वर्ष 16 सितंबर 2025 को आई आपदा की याद भी ताजा कर दी है. उस दौरान यह क्षेत्र भीषण रूप से प्रभावित हुआ था. अब दोबारा लगातार भूस्खलन की घटनाएं सामने आने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बारिश के दौरान इसी तरह पहाड़ी दरकती रही तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है. उनका कहना है कि सिर्फ मलबा हटाकर मार्ग खोलना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संवेदनशील पहाड़ी का स्थायी उपचार किया जाना जरूरी है.
मार्ग बंद होने की सूचना के बाद लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया. विभाग की ओर से सड़क को फिलहाल एकतरफा यातायात के लिए सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जाम का दबाव कम किया जा सके.
राहुल आनंद, एसडीएम ने बताया कि – लोक निर्माण विभाग को जल्द से जल्द मार्ग सुचारु करने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन की ओर से मौके की स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
पानी वाला बैंड अब मसूरी-देहरादून मार्ग का सबसे संवेदनशील हिस्सा बनता जा रहा है. बारिश के दौरान बार-बार होने वाले भूस्खलन से जहां यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, वहीं पहाड़ी के और अधिक अस्थिर होने की आशंका भी बनी हुई है. स्थानीय दीपक रावत ने प्रशासन से मांग की है कि पानी वाले बैंड का विशेषज्ञों से सर्वे कराकर सड़क और पहाड़ी को सुरक्षित करने के लिए स्थायी कार्य कराया जाए, जिससे हर बारिश में मार्ग बंद होने की समस्या से निजात मिल सके.