हल्द्वानी के रामलीला मैदान का शुद्धिकरण मामला
हल्द्वानी रामलीला मैदान शुद्धिकरण मामले में कांग्रेस का आक्रमण. मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुद्धिकरण करने वाले लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है.
देहरादून। उत्तराखंड के हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली और फिर उसके बाद मंच का शुद्धिकरण करने पर भारी बवाल हो गया है, और रामलीला मैदान के शुद्धिकरण मामले की गूंज संसद तक सुनाई दी. राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर तकरार हुई. खरगे ने राज्य सभा में मामला उठाया और कहा कि हल्द्वानी में मेरे कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण किया गया. इसको लेकर खरगे ने बीजेपी को राज्यसभा में घेरा.

खरगे ने राज्यसभा में कहा- मैं हल्द्वानी में था, जहाँ मैंने रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया। वहाँ लाखों लोग मौजूद थे। उस समय मैंने किसी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया, मैंने सिर्फ सरकार से जुड़े मुद्दों को दोहराया। लेकिन मेरे भाषण के बाद, बीजेपी के लोगों ने उस मंच को ‘शुद्ध’ करने के लिए वहाँ हवन किया. क्या लोकतंत्र में ऐसा होता है? आप संविधान की रक्षा कैसे कर रहे हैं? मैं विपक्ष का नेता हूं
खड़गे के बयान पर राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने सफाई देते हुए कहा कि- बीजेपी इस तरह के किसी भी काम का समर्थन नहीं करती..और इस मामले की जांच भी कराई जाएगी..और सरकार इस कृत्य की घोर भर्त्सना करती है..नड्डा ने साफ कहा कि खड़गे के आरोपों की जांच कराई जाएगी।
वहीं, इस मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा- हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण के स्टेज का शुद्धिकरण करना BJP-RSS की गिरी हुई मानसिकता का प्रदर्शन है. PM मोदी को इसका खंडन कर माफी मांगनी चाहिए. संसद सत्र पूरा हो गया और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सदन में आए हैं, तो कैसे ये लोकतंत्र और पार्लियामेंट चलेगा?
हल्द्वानी में शुद्धिकरण के यज्ञ की आंच की तपिश राज्यसभा में महसूस की. जहां एक तरफ प्रदेश कांग्रेस इस पूरे मामले को लेकर हमलावर है. वहीं खड़गे ने राज्य में मामले को उठा कर बीजेपी को दलित विरोध के तौर पर पूरे देश का सामने कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की है. ऐसे में साफ है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी संग्राम के पूरे आसार हैं..