केदारनाथ क्षेत्र में तोड़फोड़ कर सरकारी संपति को नुकसान
केदारनाथ क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों और जल सुविधाओं के साथ तोड़फोड़ की शिकायत हुई दर्ज।
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाए रखने के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं और भड़काऊ रील्स प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. इसी क्रम में कोतवाली सोनप्रयाग में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं.
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल की 24×7 निगरानी के दौरान ऐसे कई वीडियो और रील्स सामने आए, जिनमें केदारनाथ यात्रा एवं दर्शन व्यवस्थाओं को लेकर तथ्यहीन, भ्रामक और भड़काऊ जानकारियां प्रसारित की जा रही थीं. इन पोस्टों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भ्रमित करने और यात्रा की छवि को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था. मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोनप्रयाग कोतवाली में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं. संबंधित प्रकरणों में विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है. आरोपियों की पहचान एवं अन्य तथ्यों की जांच जारी है.
केदारनाथ क्षेत्र में सरकारी संपति को नुकसान: केदारनाथ यात्रा 2026 के दौरान जहां एक ओर प्रशासन तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है, वहीं दूसरी ओर कुछ अराजक तत्व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं.
सुलभ इंटरनेशनल के सुपरवाइजर मिंटू पाठक ने कोतवाली सोनप्रयाग में एक लिखित तहरीर दी गई है. जिसमें केदारनाथ धाम क्षेत्र में स्थापित सार्वजनिक शौचालयों और जल सुविधाओं के साथ तोड़फोड़ की शिकायत दर्ज कराई गई है. तहरीर में बताया गया है कि सेक्टर केदारनाथ, हेलीपैड क्षेत्र और घोड़ा पड़ाव के अंतर्गत आने वाले सार्वजनिक शौचालयों को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा क्षतिग्रस्त किया गया है.
घटना के तहत केदारनाथ धाम के हाट बाजार, पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पीछे, पंजाब सिंध भवन के समीप तथा बेस कैंप क्षेत्र में कुल 5 शौचालयों के दरवाजे तोड़े गए हैं.
इसके अतिरिक्त, विभिन्न सेक्टरों में लगे 12 पानी के नल और लगभग 60 सिस्टर्न (फ्लश सिस्टम) को भी जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया है.
इस प्रकार की हरकत से न केवल सरकारी संपत्ति को आर्थिक क्षति हुई है, बल्कि धाम में मौजूद श्रद्धालुओं और यात्रियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है.मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली सोनप्रयाग पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 3 के तहत मुकदमा संख्या 07/2026 पंजीकृत कर लिया है.
रुद्रप्रयाग पुलिस ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि केदारनाथ धाम की पवित्रता, गरिमा और जन-सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
