सीएम धामी ने भुजियाघाट, नैनीताल में आयुर्वेदिक कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर का शुभारंभ के कार्येक्रम में
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड को आयुष, आयुर्वेद और योग की भूमि बताया.
भुजियाघाट/नैनीताल। आज भुजियाघाट, नैनीताल में काया आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ करने के साथ ही PGICON 2025 का शुभारंभ किया। निश्चित रूप से आयुर्वेद विषय पर आयोजित इस गोष्ठी में मंथन से जो निष्कर्ष निकलेगा वो आयुर्वेद में नवीन शोध को बढ़ावा देने के साथ ही चिकित्सा नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई दिशा प्रदान करेगा।

इस अवसर पर सीएम धामी ने कहा पहली बार आयुष मंत्रालय की स्थापना ने इन पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है। वर्तमान में प्रदेश में 300 आयुष्मान आरोग्य केंद्र, 111 होम्योपैथिक चिकित्सालय, 5 यूनानी चिकित्सालय, 62 वेलनेस सेंटर की स्थापना की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जनपद में आयुष चिकित्सालय संचालित हैं और ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से लोगों को निःशुल्क आयुष परामर्श भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
13 नवंबर 2025: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नैनीताल जिले के भुजियाघाट क्षेत्र में काया आयुर्वेदिक कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर बीजेपी नेताओं, कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। शुभारंभ समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, साथ ही छात्र-छात्राओं के लिए दो दिवसीय कार्यशाला भी आयोजित की गई, जिसमें रिसर्च छात्रों ने आयुर्वेद के क्षेत्र में हो रहे नवीन शोधों पर प्रस्तुतियां दीं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड आयुष, आयुर्वेद और योग की भूमि है, जहां अब विश्व भर से लोग स्वास्थ्य, आयुर्वेदिक उपचार और वेलनेस के लिए आकर्षित होंगे। उन्होंने राज्य सरकार के उद्देश्य को रेखांकित करते हुए बताया कि उत्तराखंड को हेल्थ, वेलनेस और अध्यात्म के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। इसके तहत कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों में दो आध्यात्मिक जोन स्थापित किए जाएंगे, जो धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ आयुष और आयुर्वेद को बढ़ावा देंगे।
सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया सुझाव का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य स्थापना दिवस पर पीएम ने उत्तराखंड को हेल्थ, वेलनेस और अध्यात्म के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर दिया था। इसी दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में आयुष विश्वविद्यालयों और संस्थानों की स्थापना निरंतर जारी है, जो न केवल शिक्षा को मजबूत करेगी बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी।
कॉलेज की सुविधाएं और कोर्स
भुजियाघाट स्थित इस कॉलेज में छात्र-छात्राओं को विभिन्न आयुर्वेदिक और स्वास्थ्य संबंधी कोर्स कराए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
- बीएएस आयुष नर्सिंग
- फिजियोथेरेपी
- पैथोलॉजी
- डी फार्मा
- बी फार्मा
- अन्य संबंधित कोर्स
कॉलेज में न केवल शिक्षा दी जाएगी, बल्कि मरीजों को विभिन्न रोगों का आयुर्वेदिक उपचार भी उपलब्ध कराया जाएगा। यहां रिसर्च सेंटर के माध्यम से आयुर्वेद के नए आयामों पर कार्य होगा, जो छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देगा।
रोजगार के द्वार कैसे खुलेंगे?
सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि यह संस्थान रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बनेगा। मुख्य रूप से:
- शिक्षा के माध्यम से: आयुर्वेदिक कोर्स पूरा करने वाले युवा आयुर्वेदिक चिकित्सक, नर्स, फार्मासिस्ट या रिसर्चर बन सकेंगे। वे आयुर्वेदिक अस्पतालों, वेलनेस सेंटरों, स्पा या अपनी क्लिनिक खोल सकेंगे।
- पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: राज्य की स्वच्छ जलवायु, प्राकृतिक सौंदर्य और औषधीय पौधों की प्रचुरता आयुष आधारित वेलनेस टूरिज्म के लिए आदर्श है। देश-विदेश से पर्यटक उपचार के लिए आएंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर गाइड, हॉस्पिटैलिटी, हर्बल उत्पाद निर्माण और पर्यटन से जुड़े रोजगार बढ़ेंगे।
- संस्थागत विकास: सरकार आयुर्वेदिक कॉलेजों, पंचकर्म केंद्रों, योग और नेचुरोपैथी संस्थानों को बढ़ावा दे रही है, जो हजारों नौकरियां पैदा करेगा। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और प्रवासन रुकेगा।
- वैश्विक पहचान: पीएम के विजन के अनुरूप, उत्तराखंड आयुष पर्यटन हब बनेगा, जो युवाओं के लिए लंबे समय तक टिकाऊ रोजगार सुनिश्चित करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आयुर्वेद केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि जीवनशैली है। इस कॉलेज से निकलने वाले युवा न केवल स्वास्थ्य सेवाएं देंगे, बल्कि उत्तराखंड को वैश्विक पटल पर नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।”
यह शुभारंभ उत्तराखंड की स्वास्थ्य और पर्यटन नीति का महत्वपूर्ण कदम है, जो युवाओं के भविष्य को उज्ज्वल बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्री अजय भट्ट, विधायक बंसीधर भगत, श्रीमती सरिता आर्य, राम सिंह कैरा, नैनीताल भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट उपस्थित रहे।
