देहरादून। उत्तराखंड में 25 अप्रैल से 24 मई तक जनगणना के पहले चरण में मकानों का सूचीकरण और उनकी गणना की जाएगी. इस दौरान प्रदेश में मौजूद सभी मकानों की जानकारी एकत्र करने के साथ ही मकानों की गिनती भी की जाएगी. मकान सूचीकरण एवं गणना का काम जनगणना कार्य निदेशालय के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है, क्योंकि उत्तराखंड में सैकड़ो ऐसे गांव हैं, जो वीरान (Ghost Village) बन चुके हैं, यानी उन गांवों में कोई भी नहीं रह रहा. जबकि जनगणना निदेशालय इस बात को कह रहा है कि जहां भी जो भी स्ट्रक्चर होगा, उसकी गणना की जाएगी.

इसको लेकर उत्तराखंड शासन की ओर से अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. जिसके बाद से ही जनगणना निदेशालय ने तैयारियां तेज कर दी है. वर्तमान समय में निदेशालय की ओर से अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि जनगणना कार्यों को बेहतर ढंग से कराया जा सके. हालांकि, प्रदेश में 10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक स्वगणना की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. उससे पहले ही जनगणना से संबंधित तैयारियों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

- समयावधि:
- मकान गणना का समय: 25 अप्रैल से 24 मई 2026 (एक महीने तक)।
- इससे पहले स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प: 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक नागरिक खुद जनगणना पोर्टल या ऐप पर अपने मकान की जानकारी अपलोड कर सकते हैं।
- गणना की प्रक्रिया: गणना पूरी तरह डिजिटल होगी (पेपरलेस), मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा कलेक्ट किया जाएगा। यह पहली बार ऐसा होगा कि जनगणना डिजिटल तरीके से होगी।

- पूछे जाने वाले सवाल: मकान गणना में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें शामिल हैं:
- मकान की दीवार किस सामग्री से बनी है (ईंट, पत्थर आदि)?
- फर्श (टाइल्स, सीमेंट आदि)?
- छत की सामग्री?
- मकान का उपयोग (आवासीय, व्यावसायिक आदि)?
- परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, सामाजिक श्रेणी?
- खाते से संबंधित जानकारी, सदस्यों की संख्या आदि।

- खाली मकान/घोस्ट विलेज: उत्तराखंड में पलायन के कारण कई गांव खाली (घोस्ट विलेज) हैं। ऐसे मकानों पर भी नंबर लगाए जाएंगे। अगर एक महीने तक कोई नहीं मिलता और घर लॉक रहता है, तो उसे ‘वेकेंट’ (खाली) या लॉक्ड श्रेणी में दर्ज किया जाएगा। विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है।
- तैयारियां: जनगणना निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव के अनुसार, कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राज्य में भौगोलिक चुनौतियों (जैसे ऊपरी हिमालयी क्षेत्र) को ध्यान में रखते हुए योजना बनाई गई है।
