हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा
देहरादून। अपनी शांत वादियों के लिए प्रसिद्ध उत्तराखंड की राजधानी देहरादून आज एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी. देहरादून में राजपुर रोड पर सिल्वर सिटी मॉल में सुबह करीब 10:15 बजे पर तीन बदमाश बाइक से देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल पहुंचे. अपराध का तरीका वही था. दो बदमाशों मॉल के बाहर खड़े हुए और तीसरा बदमाश बाइक पर बहार इंतजार कर रहा था. अचानक से मॉल में मौजूद दोनों बदमाशों ने मॉल में संचालित जिम से बाहर आते विक्रम शर्मा पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाना शुरू कर दिया. विक्रम शर्मा को संभलने तक का मौका भी नहीं मिला. गोलियां लगते ही वह खून से लथपथ होकर मॉल की सीढ़ियों के पास गिर पड़ा. और मौके पर ही उसकी मौत हो गई.
शहर के बीचोंबीच इतनी बड़ी घटना होने पर देहरादून पुलिस चौकन्नी हुई. आईजी गढ़वाल, एसएसपी सहित पूरी फोर्स घटनास्थल पर पहुंची.मिर्तक व्यक्ति को अस्पताल ले जाने की कार्रवाई हुई लेकिन तब तक वो दम तोड़ चुका था. पुलिस ने जांच हुई की तो पता चला कि मृतक व्यक्ति का नाम विक्रम शर्मा है. मूल रूप से वो झारखंड के जमशेदपुर का रहने वाला है लेकिन फिलहाल राजधानी में ही रह रहा था.
पुलिस ने विक्रम शर्मा के रिकॉर्ड खंगाले गए तो मालूम चला कि उसके ऊपर 50 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे. कई आपराधिक गतिविधियों में उसका नाम था. यहां तक कि जिम के बाहर निकलते हुए उसके पास एक पिस्टल भी थी जो पुलिस ने बरामद की है. लेकिन हमला इतनी जल्दी हुआ कि विक्रम को वो हथियार इस्तामेल करने का मौका ही नहीं मिला. मृतक का पुराना रिकॉर्ड मिलने के बाद पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को आपसी रंजिश या गैंगवार के रूप में भी देख रही है.
विक्रम शर्मा (जिसे हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा के नाम से जाना जाता था) झारखंड के जमशेदपुर का एक कुख्यात गैंगस्टर और हिस्ट्रीशीटर था। उसका आपराधिक इतिहास काफी लंबा और गंभीर रहा है।
विक्रम शर्मा के बारे में मुख्य जानकारी खबरों के आधार पर:
- मृत्यु: 13 फरवरी 2026 को उत्तराखंड के देहरादून में सिल्वर सिटी मॉल (राजपुर रोड) के जिम से निकलते समय दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई।
- घटना सुबह करीब 10:30 बजे हुई।
- दो-तीन हमलावरों (बाइक सवार) ने ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
- पुलिस इसे गैंगवार या पुरानी रंजिश का नतीजा मान रही है।
- शव मॉल की सीढ़ियों/एस्केलेटर क्षेत्र में खून से लथपथ मिला।
- आपराधिक रिकॉर्ड:
- उसके खिलाफ 50 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे (कुछ रिपोर्ट्स में 20+ हत्या के केस बताए गए हैं)।
- मुख्य आरोप: हत्या, वसूली (extortion), फायरिंग, गैंगस्टर गतिविधियां और अन्य गंभीर धाराएं।
- वह झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अखिलेश सिंह (जो दुमका जेल में बंद है) का करीबी सहयोगी/मेंटर माना जाता था।
- जमशेदपुर में कई हाई-प्रोफाइल मामलों में नाम आया था, जैसे:
- 2008 में टाटा स्टील के सिक्योरिटी अधिकारी जयराम सिंह की हत्या।
- जूते के कारोबारी आशीष डे की हत्या।
- अन्य फायरिंग और हत्या के मामले।
- करीब 10 साल तक फरार रहा, 2017 में देहरादून से गिरफ्तार किया गया था।
- लंबे समय जेल में रहा, हाल में जमानत पर बाहर था और देहरादून में किराए के फ्लैट में रह रहा था।
- अन्य जानकारी:
- मूल रूप से उत्तराखंड के काशीपुर (या देहरादून क्षेत्र) का निवासी बताया जाता है।
- पहले स्टोन क्रशर का व्यवसाय करता था।
- देहरादून के रेसकोर्स इलाके में रहता था।
- कुछ पुरानी रिपोर्ट्स में उसका जमशेदपुर में फ्लैट (आशियाना, MGM थाना क्षेत्र) होने का जिक्र है।
- अपराध की दुनिया से जुड़े रहने के साथ-साथ कुछ समय सफेदपोश/राजनीति जैसी छवि बनाने की कोशिश भी की थी (हालांकि मुख्य रूप से गैंगस्टर के रूप में ही जाना जाता था)।
विक्रम शर्मा का नाम मुख्य रूप से इसी हत्या की खबर के बाद फिर से सुर्खियों में आया है। पुलिस जांच जारी है और यह मामला गैंगवार से जुड़ा माना जा रहा है।
