कांवड़ मेले से निकला कचरा
हरिद्वार में कांवड़ मेले के दौरान कांवड़िए और श्रद्धालु द्वारा छोड़ा गया लगभग 7000 मीट्रिक टन कचरा जमा किया गया है.
हरिद्वार। कांवड़ मेला के खत्म होने के बाद हरिद्वार नगर निगम के सामने अब शहर को कांवड़ के कचरे से मुक्त करने की चुनौती है. बताया जा रहा है इस बार कावड़ मेले में 4 करोड़ 80 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं की आवाजाही रही, जिसके कारण शहर के घाटों, सड़कों और कांवड़ पटरी पर काफी ज्यादा मात्रा में कचरा जमा हुआ है. ऐसे में मेला समाप्त होते ही नगर निगम ने पूरे शहर में विशेष सफाई अभियान शुरू कर दिया है. निगम की टीमें दिन रात सफाई में जुटी हैं.
सबसे पहले हरकी पैड़ी क्षेत्र में और अब गंगा से सटे अन्य घाटों पर सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है. नगर निगम के 1,000 के करीब कर्मचारी, जिला पंचायत और परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी साफ सफाई में लगे हुए है. कूड़ा इकठ्ठा करने के बाद इसे रीसाइकिल किया जाएगा. पूरे कांवड़ मेले के समय शहर में 7,000 मीट्रिक तक कूड़ा इकठ्ठा किया गया था. जबकि, गंगा घाटों पर करीब 4,500 मीट्रिक टन तक कूड़ा जमा हो गया था.
हरिद्वार नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि, महाशिवरात्रि के बाद कांवड़ यात्रा का समापन होते ही बीती मंगलवार शाम से सफाई अभियान तेज कर दिया गया था. डाक कांवड़ के दौरान सड़कों और संकरी गलियों में वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने के कारण कई स्थानों पर कचरा एकत्र हो गया था. सबसे पहले घाटों और प्रमुख मार्गों की सफाई को प्राथमिकता दी गई. हरकी पैड़ी, सुभाष घाट, नई घाट, अलकनंदा, बिरला और विष्णु घाट समेत करीब 95 फीसदी घाटों की सफाई पूरी कर ली गई है.

घाटों से निकलने वाले प्लास्टिक और कपड़ों के कचरे के लिए इस बार विशेष सेग्रीगेशन टीमें लगाई गई थीं. निगम का प्रयास है कि कचरे को अलग अलग कर वैज्ञानिक माध्यम से उसका उचित निस्तारण किया जाए. नगर आयुक्त ने बताया कि आज बुधवार शाम तक शहर के ज्यादातर हिस्सों को पूरी तरह साफ करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद भी अगले कुछ दिनों तक अतिरिक्त टीमें लगातार सफाई और निगरानी में जुटी रहेंगी.
परिवहन विभाग ने भी संभाली कांवड़ पटरी: कांवड़ यात्रा समाप्त होने के बाद परिवहन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी सफाई अभियान में जुट गए हैं. विभाग की टीमों ने हरिद्वार बस स्टैंड और परिवहन विभाग के कार्यालय परिसर में सफाई की और कांवड़ यात्रा के दौरान जमा हुए कचरे को हटाया.
नेहा झा, एआरटीओ ने बताया कि “जिलाधिकारी के निर्देश पर जहां जहां कचरा जमा था, वहां विशेष अभियान चलाकर सफाई की जा रही है. आगे भी यह अभियान जारी रहेगा.”
जिला पंचायत के कर्मचारी भी जुटे: हरिद्वार शहर को छोड़कर कांवड़ यात्रा मार्ग में साफ सफाई की जिम्मेदारी जिला पंचायत विभाग के पास होती है. इसलिए कांवड़ पटरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जमा कचरे को हटाने के लिए जिला पंचायत विभाग के कर्मचारियों ने भी मोर्चा संभाल लिया है. हरिद्वार जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी महेश विश्नोई ने फील्ड स्टाफ के साथ कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारियों की टीमें पटरी के विभिन्न हिस्सों में सफाई कर कचरा एकत्र कर रही हैं.
मेला समाप्त होने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी विभागों का फोकस अब हरिद्वार को जल्द से जल्द स्वच्छ बनाने पर है. इसके अलावा जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाकर सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने सभी सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों से भी जुड़ने की इस अभियान में जुड़ने की अपील की है