आर्च ब्रिज के ऊपर चिन्यालीसौड़ नगर पालिका अध्यक्ष मनोज कोहली
उत्तरकाशी। जिले के चिन्यालीसौड़ में बुधवार सुबह हाई वोल्टेज ड्रामा हो गया. भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच से नाराज नगर पालिका अध्यक्ष मनोज कोहली डीएम को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर चिन्यालीसौड़ आर्च ब्रिज पर चढ़ गए. इससे चिन्यालीसौड़ में अफरा तफरी मच गई. लोग नगर पालिका अध्यक्ष से नीचे उतरने की गुहार लगाते दिखे.
उत्तरकाशी में हाई वोल्टेज ड्रामा: दरअसल नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ सभासदों ने भ्रष्टाचार की जांच कर ईओ के स्थानांतरण की मांग कर चार दिनों तक धरना प्रदर्शन किया था. वहीं, डीएम प्रशांत आर्या ने सभासदों की मांगों को देखते हुए जांच के आदेश जारी किए थे. इसमें एसडीएम डुंडा सहित तीन सदस्यीय टीम गठित कर वित्तीय अनियमितताओं की जांच के निर्देश दिए. उसके बाद पालिका अध्यक्ष पुल पर चढ़े और डीएम को मौके पर बुलाने की मांग कर दी.

आर्च ब्रिज पर चढ़े चिन्यालीसौड़ के नगर पालिका अध्यक्ष: नगर पालिका चिन्यालीसौड़ में पिछले चार दिन से धरने पर बैठे सभासदों से मिलने मंगलवार को प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा के प्रतिनिधि के रूप में दर्जाधारी रामसुंदर नौटियाल धरना स्थल पर पहुंचे थे. उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों पर कार्रवाई की जाएगी. निर्माण कार्यों की जांच के लिए समिति बनेगी. वहीं ईओ को शहरी विकास निदेशालय में स्थानांतरित कर दिया गया है. नगर पालिका सभासद पालिका कार्यालय परिसर में टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता, अध्यक्ष मनोज कोहली के वित्तीय अधिकार सीज करने और ईओ के स्थानांतरण सहित 6 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे.
सभासदों के धरने के बाद डीएम ने जांच बिठाई है: प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा के साथ फोन वार्ता पर सभासदों ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त किया. उत्तरकाशी के प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा के प्रतिनिधि के रूप में दर्जाधारी रामसुंदर नौटियाल भी धरना स्थल पर पहुंचे थे. उन्होंने आश्वासन दिया कि सभासदों की सभी मांगों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी. इस पर सभासदों ने सहमति जताई और प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा और राज्यमंत्री रामसुंदर नौटियाल का आभार जताया. वहीं शहरी विकास निदेशक विनोद गोस्वामी ने नगर पालिका ईओ वीरेंद्र सिंह पंवार को कार्यमुक्त करते हुए तत्काल प्रभाव से निदेशालय में अटैच होने का आदेश जारी किया है.
नगर पालिका अध्यक्ष पर लगाया गया है पद के दुरुपयोग का आरोप: नगर पालिका में वित्तीय अनियमिताओं और सभासदों के अधिकारों के हनन की शिकायत पर जिलाधिकारी की ओर से उपजिलाधिकारी डुंडा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच के आदेश दिए गए हैं. डीएम ने सात दिन के भीतर शिकायत की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं. इस मामले में शासन की ओर की गई कार्रवाई में ईओ को निदेशालय अटैच कर दिया गया है. सभासदों की ओर से नगरपालिका अध्यक्ष पर पद का दुरुपयोग करने और सभासदों के अधिकारों के हनन का आरोप लगाया गया था. साथ ही यह भी आरोप लगाया कि अध्यक्ष ने ईओ के साथ मिलकर वहां पर विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं भी की हैं. इस संबंध में सभासदों की ओर से डीएम को भी शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी.
डीएम को बुलाने की मांग: डीएम प्रशांत आर्या ने इस पर जांच का आदेश देते हुए उपजिलाधिकारी डुंडा को अध्यक्ष, उपकोषाधिकारी डुंडा और अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग चिन्यालीसौड़ को जांचसमिति में नामित किया है. उनकी ओर से सात दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं. इसको खिलाफ बुधवार को चिन्यालीसौड़ नगर पालिका अध्यक्ष आर्च ब्रिज पर चढ़ गए. उन्होंने डीएम को मौके पर बुलाने की मांग की है. साथ ही मांग पूरी न होने तक वहीं रहने की चेतावनी दी. इस दौरान प्रशासन में हड़कंप मच गया. वहीं पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और पालिका अध्यक्ष से आर्च ब्रिज से नीचे आने की अपील की.
भागीरथी नदी के ऊपर बना है आर्च ब्रिज: जिस आर्च ब्रिज पर नगर पालिका अध्यक्ष चढ़े हैं ये चिन्यालीसौड़ टिहरी बांध की झील पर भागीरथी नदी में बना दिचली-गमरी और टिहरी जनपद को जोड़ने वाला प्रदेश का सबसे बड़ा आर्च ब्रिज है. ये पुल दिचली व गमरी पट्टी के 40 गांवों को जोड़ता है. वर्ष 2006-07 से टिहरी बांध की झील में दिचली-गमरी के लिए बने देवीसौड़ पुल के डूबने के बाद दिचली-गमरी क्षेत्र के करीब 40 गांवों की 60 हजार आबादी अलग थलग पड़ गई थी.
पुल न होने के कारण इन ग्रामीणों को धरासू से होकर 30 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तयकर आना-जाना पड़ रहा था. ग्रामीणों की मांग के अनुरूप वर्ष 2012 में चिन्यालीसौड़ से दिचली गमरी क्षेत्र को जोड़ने के लिए आर्च ब्रिज की स्वीकृति हुई. ये ब्रिज बनकर तैयार हुआ. इस आर्च ब्रिज की लंबाई 162 मीटर है. इसकी ऊंचाई भागीरथी नदी से करीब 10 मीटर है.
