देहरादून
देहरादून की आबोहवा एक बार फिर साफ सुथरी हो गई है. बारिश के कारण वायु प्रदूषण के स्तर में आई बड़ी कमी.
देहरादून। राजधानी देहरादून की आबोहवा ने एक बार फिर अपनी पुरानी पहचान की ओर वापसी के संकेत दे दिए हैं. लंबे समय से वायु प्रदूषण की मार झेल रहे दूनवासियों के लिए यह किसी राहत बड़ी खबर से कम नहीं है. बीते 72 घंटों में लगातार हुई बारिश और उसके बाद निकली धूप ने न केवल मौसम को सुहावना बना दिया, बल्कि आसमान को भी इतना साफ कर दिया कि दूर-दूर तक पहाड़ियां दिखाई दे रही है. यह नजारा अपने आप में ये साबित करता है कि वायु प्रदूषण में बड़ी गिरावट आई है.
कुछ दिन पहले तक देहरादून की स्थिति चिंताजनक बनी हुई थी. देहरादून का एयर क्वालिटी इंडेक्स AQI 300 से 350 के बीच पहुंच चुका था, जो कि वायु प्रदूषण बहुत खराब श्रेणी में आता है. यही वजह थी कि दून की तुलना देश की सबसे प्रदूषित राजधानी दिल्ली से की जाने लगी थी. लेकिन मौसम के एक बड़े बदलाव ने हालात को पूरी तरह पलट कर रख दिया.
शनिवार 21 मार्च 2026 को देहरादून का AQI न्यूनतम स्तर 6 दर्ज किया गया, जोकि बेहतरीन श्रेणी में आता है. पिछले पांच वर्षों में AQI इतना नीचे सत्र पर आया है. अगर पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2022 में मार्च महीने में AQI 20 तक पहुंचा था, जबकि 2023 और 2024 में यह 21 के आसपास रहा. साल 2025 में यह आंकड़ा 25 दर्ज किया गया था. ऐसे में AQI का 6 तक पहुंचना एक बड़ा सुधार माना जा रहा है.
इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण लगातार हुई बारिश है. पिछले तीन दिनों में हुई वर्षा ने वातावरण में मौजूद धूल कणों और प्रदूषक तत्वों को जमीन पर गिरा दिया. यही वजह है कि हवा में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर PM2.5 और PM10 की मात्रा में भारी कमी आई है. इसके साथ ही तेज धूप और साफ आसमान ने भी इस सुधार को और मजबूती दी है.
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव पराग मधुकर के अनुसार वायु गुणवत्ता में आया यह सुधार प्रदेश के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है. बारिश के कारण वातावरण साफ हुआ है, जिससे AQI में यह गिरावट दर्ज की गई है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर मौसम इसी तरह सहयोग करता रहा तो आने वाले दिनों में भी हवा की गुणवत्ता बेहतर बनी रह सकती है. हालांकि यह सुधार पूरी तरह स्थायी नहीं माना जा सकता. जैसे ही मौसम शुष्क होगा और धूल व प्रदूषक तत्व फिर से हवा में घुलने लगेंगे AQI में बढ़ोतरी हो सकती है. इसलिए प्रदूषण नियंत्रण के स्थायी उपायों पर भी ध्यान देना जरूरी है.
मौसम विभाग की ओर से भी आने वाले 24 घंटों के लिए राहत भरी खबर है. विभाग ने उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है. इसका असर देहरादून समेत आसपास के क्षेत्रों की वायु गुणवत्ता पर भी सकारात्मक पड़ सकता है.
दूनवासियों के लिए यह बदलाव किसी वरदान से कम नहीं है. जहां कुछ दिन पहले तक लोग प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे, वहीं अब साफ हवा और ठंडे मौसम ने लोगों को राहत दी है. पार्कों और सड़कों पर सुबह-शाम टहलने वालों की संख्या भी बढ़ी है, क्योंकि लोग इस स्वच्छ वातावरण का भरपूर आनंद लेना चाहते हैं.
देहरादून में वायु गुणवत्ता में आया यह सुधार मौसम की मेहरबानी का नतीजा है. लेकिन यह एक चेतावनी भी है कि यदि स्थायी उपाय नहीं किए गए, तो यह स्थिति फिर से बिगड़ सकती है. फिलहाल, दून की ताजी और स्वच्छ हवा ने लोगों के चेहरे पर मुस्कान जरूर लौटा दी है और शहर एक बार फिर अपनी क्लीन एयर सिटी की पहचान की ओर बढ़ता नजर आ रहा है.
