नई दिल्ली। दिल्ली में लापता लोगों के आंकड़े मुख्य रूप से दिल्ली पुलिस और NCRB (National Crime Records Bureau) के डेटा से आते हैं। NCRB की राष्ट्रीय रिपोर्ट में राज्य-वार विस्तृत वर्षवार ब्रेकडाउन मिलता है, लेकिन दिल्ली के लिए हाल के वर्षों में दिल्ली पुलिस के आधिकारिक डेटा ज्यादा अपडेटेड और चर्चित हैं।
हालिया स्थिति (2026 की शुरुआत): जनवरी 2026 के पहले 15 दिनों में दिल्ली में 807 लोग लापता हुए (औसतन 54 प्रतिदिन)। इनमें:
- महिलाएं और लड़कियां: 509
- नाबालिग (18 साल से कम): 191
- ट्रेस्ड (पता लगे): 235
- अभी लापता: 572
जनवरी 2026 पूरा महीना: लगभग 1,777 मामले (जो 2025 के मासिक औसत 2,042 से कम है)। दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कोई असामान्य वृद्धि नहीं है, बल्कि पिछले वर्षों से थोड़ी कमी आई है।
वर्षवार आंकड़े (दिल्ली पुलिस और विभिन्न रिपोर्ट्स से संकलित, मुख्य रूप से 2016 से):
- 2016: लगभग 23,409 लापता (20,029 ट्रेस्ड, ~85% रिकवरी)
- 2020: सबसे कम ~17,944 (कोविड लॉकडाउन के कारण कम रिपोर्टिंग)
- 2024: 24,893
- 2025: 24,508 (महिलाएं/लड़कियां: ~14,870, यानी 60%+)
2016 से 2025/2026 तक (दशक भर): कुल ~2,32,737 लोग लापता रिपोर्ट हुए, जिनमें से ~1.8 लाख ट्रेस्ड हुए (~77% रिकवरी रेट), लेकिन ~52,000 मामले अभी अनसुलझे हैं।
ट्रेंड:
- सालाना औसतन 23,000–25,000 मामले (2016 से स्थिर, कोई बड़ा स्पाइक नहीं)।
- महिलाएं और नाबालिग (खासकर टीनएज लड़कियां) सबसे ज्यादा प्रभावित।
- रिकवरी रेट अच्छा है (77% दशक में), लेकिन कई मामले सालों तक अनसुलझे रहते हैं।
- दिल्ली पुलिस कहती है कि उच्च संख्या बेहतर डिजिटल रिपोर्टिंग और जागरूकता से है, न कि अपराध वृद्धि से। प्रति लाख आबादी पर दिल्ली का रेट अन्य बड़े शहरों से कम है।
NCRB के राष्ट्रीय डेटा में दिल्ली हमेशा टॉप राज्यों में रहता है (जनसंख्या के अनुपात में उच्च)। पुराने NCRB वर्ष (जैसे 2020-2023) में भी दिल्ली में हजारों बच्चे और महिलाएं लापता रिपोर्ट हुईं।
ध्यान दें: ये आंकड़े रिपोर्टेड मामलों के हैं (अगर कोई रिपोर्ट नहीं करता तो शामिल नहीं होते)। अगर कोई विशिष्ट व्यक्ति के बारे में जानना हो तो दिल्ली पुलिस की Zipnet वेबसाइट (zipnet.delhipolice.gov.in) पर चेक कर सकते हैं।
