देहरादून। उत्तराखंड में साल 2025 (जनवरी से दिसंबर तक) के पूर्ण अपराध आंकड़ों की आधिकारिक अंतिम रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की वार्षिक “Crime in India” रिपोर्ट आमतौर पर अगले साल (2026 में) जारी होती है। उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से उत्तराखंड पुलिस के प्रारंभिक/आंशिक डेटा, समाचार रिपोर्ट्स और 2024 के अंतिम आंकड़ों पर आधारित है।
2025 के उपलब्ध प्रारंभिक रुझान (पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स से):
- पूरे साल का डेटा अभी संकलित हो रहा है, लेकिन अप्रैल 2025 तक पुलिस ने 4,980 गंभीर अपराधों के मामले दर्ज किए थे (2024 की तुलना में कुछ श्रेणियों में वृद्धि)।
- बलात्कार (दुष्कर्म): अप्रैल 2025 तक 333 मामले दर्ज (पिछले वर्षों से अधिक)।
- हत्या: अप्रैल 2025 तक 60 मामले।
- अपहरण (महिला/बच्चे संबंधित): अप्रैल 2025 तक 48 मामले।
- वाहन चोरी: अप्रैल 2025 तक 372 मामले।
- अन्य अपराधों में वृद्धि का उल्लेख है, लेकिन पूरे साल के अंतिम आंकड़े उपलब्ध नहीं।
2024 के अंतिम आंकड़े (उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय से RTI/आधिकारिक बयान):
ये आंकड़े 2024 के हैं, जो NCRB 2024 रिपोर्ट (2025 में जारी) में शामिल हैं और 2025 के रुझानों की तुलना के लिए उपयोगी हैं।
| अपराध प्रकार | 2024 में मामले | 2023 से बदलाव | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| कुल गंभीर अपराध (IPC/BNS) | 17,278 | 3% कमी | – |
| महिलाओं के खिलाफ अपराध | 3,342 | 12% कमी (2023 से) | 2022: 4,337 → 2023: 3,808 → 2024: 3,342 |
| बलात्कार (दुष्कर्म) | ~270-300 | 10% कमी | 98% मामलों में खुलासा |
| अपहरण (महिला/बच्चे) | 530 | वृद्धि | 94% मामलों में खुलासा |
| हत्या | ~200-250 | 2.14% कमी | देश में 7वें स्थान पर |
| दहेज हत्या | – | 20-60% कमी | – |
| लूट | 176 | 22% कमी | – |
| डकैती | 17 | 50% कमी | – |
| चोरी (संपत्ति) | – | – | बरामदगी दर 52.4% (राष्ट्रीय औसत 31.4%) |
| साइबर यौन अपराध | – | 13% कमी | – |
महत्वपूर्ण नोट:
- NCRB 2023 रिपोर्ट (2025 में जारी) में उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 11-13% की कमी दिखाई गई, लेकिन 2024-25 में कुछ श्रेणियों (जैसे अपहरण, हत्या) में वृद्धि के संकेत हैं।
- 2025 का अंतिम डेटा 2026 में NCRB रिपोर्ट में आएगा। वर्तमान में पुलिस मुख्यालय या राज्य सरकार की वेबसाइट पर कोई पूर्ण 2025 रिपोर्ट नहीं है।
- उत्तराखंड में अवैध हथियार मामलों में हिमालयी राज्यों में शीर्ष स्थान है (2023: 1,767 मामले)।
